Thursday, January 7, 2016

अपने हाथों की लकीरों में बसा ले मुझको

Lyricist: Qateel Shifai
Singer: Jagjeet Singh


अपने हाथों की लकीरों में बसा ले मुझको,
मैं हूँ तेरा तो नसीब अपना बना ले मुझको।
मुझसे तू पूछने आया है वफ़ा के माने,
ये तेरी सादा-दिली मार ना डाले मुझको।
ख़ुद को मैं बाँट ना डालूँ कहीं दामन-दामन,
कर दिया तूने अगर मेरे हवाले मुझको।
बादाह फिर बादाह है मैं ज़हर भी पी जाऊँ ‘क़तील’,
शर्त ये है कोई बाहों में सम्भाले मुझको।

बादाह = Wine, Spirits

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